सम्प्रदान कारक वह कारक है जो बताता है कि क्रिया का फल किसे या किसके लिए हुआ। इसमें “को” या “के लिए” जैसे चिह्न प्रयोग होते हैं।
जब वाक्य में किसी को कुछ दिया जाए या किसी के लिए कुछ किया जाए तो वहां पर संप्रदान कारक होता है ।
संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उसके सम्बन्ध का बोध होता है, उसे कारक कहते हैं। हिन्दी में आठ कारक होते ...
4. कारक के आधार पर वाक्य विश्लेषण विवरण: वाक्य में संज्ञा और सर्वनाम के कारक को पहचानकर उनके कार्य का विश्लेषण करना।
हिंदी व्याकरण में कारक क्या होते हैं? जानिए हिंदी के 8 कारक (कर्ता, कर्म, करण, सम्प्रदान, अपादान, सम्बन्ध, अधिकरण, संबोधन) के भेद ...
वाक्यों में कारक का शाब्दिक अर्थ “करने वाला” होता है, जो दुसरें वाक्यों एवं शब्दों से सम्बन्ध व्यक्त करता है.
हिन्दी व्याकरण के कारक - Karak की परिभाषा, भेद और उदाहरण - Karak in Hindi आदि का वर्णन उदाहरण, अर्थ, प्रकार एवं परिभाषा सहित (Hindi Grammar, Karak)।
इस वाक्य में ‘बाढ़–पीड़ित’ सम्प्रदान कारक है; क्योंकि अनाज और कपड़े बँटवाने का काम उनके लिए ही हुआ।
हिंदी व्याकरण में कारक क्या होते हैं? इस लेख में कर्ता, कर्म, करण, संप्रदान, अपादान, अधिकरण और संबोधन के सरल अर्थ और उदाहरण दिए गए हैं।